लोक संगीत के पुरोधा खुमान लाल साव की पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
Emotional tribute paid to folk music pioneer Khuman Lal Sao on his death anniversary.
राजनांदगांव। मितान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार कल्याण संघ के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के प्रतिष्ठित कलाकार खुमान लाल साव की सातवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम परिसर में किया गया।
इस अवसर पर कलाकारों और संस्कृति कर्मियों ने खुमान लाल साव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा लोक संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए संस्कृति कर्मी वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि खुमान लाल साव ने ‘चंदैनी गोंदा’ के माध्यम से पांच दशकों तक छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को जन-जन तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
कार्यक्रम में लोक गायक महादेव हिरवानी ने प्रसिद्ध गीत ‘मोर संग चलव रे...’ प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी। वहीं विष्णु कश्यप सहित अन्य कलाकारों ने भी भजन और गीतों के माध्यम से उन्हें याद किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोक कलाकार, गीतकार और संस्कृति कर्मी उपस्थित रहे। अंत में चंदैनी गोंदा के संचालक दीपेश साव ने आभार व्यक्त किया।






