रायपुर : अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल श्री डेका

Raipur: If you are disciplined and punctual, you will definitely achieve success - Governor Shri Deka

रायपुर : अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल श्री डेका

राज्यपाल कलिंगा विश्वविद्यालय के पंचम् दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

रायपुर, 12 नवम्बर 2025

अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल श्री डेका

राज्यपाल श्री रमेन डेका कलिंगा विश्वविद्यालय के पंचम् दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अनुशासित और समय के पाबंद होगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। जीवन में यह पूर्णविराम नहीं है, अपनी यात्रा सभी को पूरी करनी है, गिरकर हार नही मानें, उठे और आगे बढ़े।  

अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल श्री डेका

सीख लेकर योजना के साथ अपना भविष्य तय करें

         राज्यपाल श्री डेका आज नवा रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय के पंचम् दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर, वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक वितरित किए। इस अवसर पर 150 शोधार्थियों को पीएच.डी उपाधि, 1500 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधि एवं 2500 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर पौधा भी लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन की दूसरी पारी शुरू हो रही है। आगे का दिन उनका संघर्ष का होगा, अनेक बाधाएं आएंगी। बीते दिनों से सीख लेकर योजना के साथ अपना भविष्य तय करें। किसी भी क्षेत्र में काम करें, आनंद पूर्वक जीवन गुजारें। भौतिक उपलब्धि के साथ-साथ मानसिक शांति भी होनी चाहिए। 

अनुशासित और समय के पाबंद होंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी- राज्यपाल श्री डेका

गुरू बनिए शिक्षक नहीं, अनुभव और ज्ञान से युवाओं का मार्गदर्शन करें

        राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। इसके लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच सतत् चर्चा होनी चाहिए। एन.ई.पी.के बारे में विद्यार्थियों को संपूर्ण जानकारी हो। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि शिक्षक और गुरू में अंतर होता है। गुरू शब्द का अर्थ विस्तृत है। आप गुरू बनिए शिक्षक नहीं, अपने अनुभव और ज्ञान से युवाओं का मार्गदर्शन करें। श्री डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय में सकारात्मक वातावरण रखें। नवाचार पर बहुत कार्य हो रहे हैं। सरकार भी इसके लिए मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है। तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है। श्री डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा। 

विद्यार्थी रचनात्मकता को बढ़ाएं और नवाचार में उपयोग करें

         राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राष्ट्र के विकास में युवाओं की सबसे बड़ी भागीदारी होती है। विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता को बढ़ाएं और नवाचार के लिए इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा युवाओं को  आगे बढ़ाने के लिए नीतिगत निर्णय लिए गए हैं परिणामस्वरूप उन्हें नए अवसर उपलब्ध होंगे। 

       इस अवसर पर राज्य निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर वी.के.गोयल, कलिंगा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री राजीव कुमार, कुलाधिपति श्री संदीप अरोरा, कुलपति श्री आर. श्रीधर, उपकुलाधिपति श्री सज्जन सिंह, कुलसचिव तथा कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष,  अध्यापकगण, विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।