रायपुर : महतारी वंदन योजना ने ग्राम मझगांव की श्रीमती सोहागा बाई को बनाया आत्मनिर्भर

Raipur: Mahtari Vandan Yojana made Mrs. Sohaga Bai of village Majhgaon self-reliant

रायपुर : महतारी वंदन योजना ने ग्राम मझगांव की श्रीमती सोहागा बाई को बनाया आत्मनिर्भर

 महिलाओं के जीवन में सरकार की योजनाओं से आई नई रोशनी

रायपुर, 11 सितम्बर 2025 छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की रहने वाली श्रीमती सोहागा बाई साहू आज आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।

कुछ वर्ष पहले तक संघर्षों से भरा उनका जीवन अब योजनाओं के संबल से खुशहाल बन गया है। खेती-बाड़ी और गृहस्थी की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक चुनौतियों का सामना करने वाली श्रीमती सोहागा बाई को महतारी वंदन योजना से हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस सहयोग से वे घर-गृहस्थी के छोटे-मोटे खर्च आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
श्रीमती सोहागा बाई बताती हैं कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि अब उन्हें खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। साथ ही उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में भी स्वीकृत हो गया है, जिसके तहत जल्द ही उन्हें अपना पक्का घर मिलने वाला है।खेती-किसानी उनका प्रमुख सहारा है। थोड़ी सी जमीन पर मेहनत करके वे अनाज और सब्ज़ियों की पैदावार से परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रही हैं। परिवार में बेटा और बहू भी सहयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी बहू को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ हो गई है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीमती सोहागा बाई जैसी सफलता की कहानियां इस योजना की वास्तविक उपलब्धि को दर्शाती हैं।
श्रीमती सोहागा बाई साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बदौलत आज ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और सम्मानपूर्वक जीवन जी पा रही हैं।