रायपुर : युक्तियुक्तकरण नीति से स्वच्छता के सुदूर वनांचल में लौटी शिक्षा की रोशनी

Raipur: Rationalisation policy brings light of education to remote forest areas of cleanliness

रायपुर : युक्तियुक्तकरण नीति से स्वच्छता के सुदूर वनांचल में लौटी शिक्षा की रोशनी

नागम विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना से बच्चों में उत्साह, अभिभावकों ने जताया आभार

रायपुर, 10 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ सरकार की शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की नीति से सुदूर वनांचल क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी की पूर्ति होती जा रही है। युक्ति युक्तकरण के फलस्वरूप अब वनांचलों आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक पदस्थ हो जाने से बच्चों की पढ़ाई गति पकड़ रही है साथ ही उनका भविष्य संवरने की नींव पड़ गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की युक्तियुक्तकरण नीति ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्ता, समानता और प्रभावशीलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है।

    इसी नीति के तहत सरगुजा जिले के लूण्ड्रा विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम नागम की शासकीय प्राथमिक शाला, जो वर्षों से शिक्षक विहीन थी, अब बच्चों की पढ़ाई की आवाज़ों से गूंज उठी है। विद्यालय में दो सहायक शिक्षकों में सुश्री ज्ञानलता लकड़ा और श्री वासुकी मिर्री की पदस्थापना के बाद अब यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। पहले जहां शिक्षक की कमी के कारण विद्यालय लगभग बंद जैसा था, अब वहीं कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बच्चों में पढ़ाई को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। सहायक शिक्षक ज्ञानलता लकड़ा ने बताया कि नागम के शासकीय प्राथमिक शाला में 40 बच्चे पढ़ते हैं, ये सभी बच्चे बहुत जिज्ञासु और सीखने के इच्छुक हैं। हमारा प्रयास है कि सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

युक्तियुक्तकरण नीति की अभिभावकों ने की सराहना
    विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना से अभिभावकों में खुशी की लहर है। अभिभावक ने कहा कि पहले हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे गांव भेजना पड़ता था, अब गांव में ही शिक्षक आ गए हैं। इससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमारे बच्चे रोज स्कूल जा रहे हैं, उन्हें स्कूल में पौष्टिक मध्यान्ह भोजन मिल रहा है जिससे बच्चों का पढ़ाई में मन लगा रहा हैं। यह बदलाव हमारे गांव के लिए बहुत बड़ा तोहफा है।

    विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण नीति के तहत विकासखंड स्तर के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की संतुलित तैनाती सुनिश्चित की गई है,ताकि शासकीय स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर शिक्षा मिले और बच्चों का भविष्य सुदृढ़ हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की युक्तियुक्तकरण नीति ने न केवल शिक्षा व्यवस्था में संतुलन स्थापित किया है बल्कि सुदूर अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाकर सबके लिए समान शिक्षा का अधिकार के संकल्प को साकार किया है।