जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा विष्णु का सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या महाशिविर

Where the public court used to be held, Vishnu's good governance reached there: Pujari. For the first time, a public problem megacamp was organised in Kanker.

जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा विष्णु का सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या महाशिविर

रायपुर,  मई  2026

जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा विष्णु का सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या महाशिविर

जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा विष्णु का सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या महाशिविर

माओवाद प्रभावित और अत्यंत सुदूर ग्राम पंचायत पुजारी कांकेर में पहली बार प्रशासन का ऐसा व्यापक शिविर आयोजित हुआ, जहां कभी जनताना सरकार की जन-अदालत लगती थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के “सुशासन तिहार-2026” के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने ग्रामीणों में नई उम्मीद जगाई।
शिविर में पहली बार सभी विभागों का अमला एक साथ गांव पहुंचा, जिसे देखने और योजनाओं का लाभ लेने बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। ग्रामीण पूरे समय शिविर में मौजूद रहे और स्थानीय भाषा में योजनाओं की जानकारी लेकर लाभ उठाने के लिए आवेदन भी किए।
इस शिविर में पुजारी कांकेर सहित मारुड़बाका, नेलाकांकेर, संकनपल्ली, तिम्मापुर, ईलमिड़ी, सेमलडोडी, लंकापल्ली, एंगपल्ली, गलगम, उसूर, आवापल्ली, चिंताकोंटा, मुरदंडा, चेरकडोडी, नुकनपाल, पुसगुड़ी और मुरकीनार ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में प्राप्त आवेदनों में से 29 का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर कार्यवाही जारी है।
शिविर में क्रेडा, जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, कृषि, उद्यानिकी, वन, मत्स्य, विद्युत, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी विभागों ने योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संकल्प का परिणाम है कि आज पुजारी कांकेर जैसे क्षेत्र में प्रशासनिक अमला पहुंचा है, जहां कभी माओवाद के भय से साप्ताहिक बाजार भी बंद हो जाते थे। अब ग्रामीण खुलकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रख रहे हैं।
शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायक उपकरण, बैशाखी, वाकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र, मत्स्य जाल, आईस बॉक्स, मृदा परीक्षण प्रमाण पत्र सहित अन्य सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोदभराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य सलाह दी, वहीं पशुधन विकास विभाग ने पशुओं के उपचार एवं संक्रमण से बचाव संबंधी जानकारी प्रदान की।
एसडीएम उसूर श्री भूपेन्द्र गावरे के नेतृत्व तथा सीईओ जनपद पंचायत उसूर श्री प्रभाकर चंद्राकर के समन्वय से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।