एमिटी यूनिवर्सिटी छात्रों ने सुधा ओपन स्कूल में मनाई सरदार पटेल की 150वीं जयंती

Amity University students celebrated the 150th birth anniversary of Sardar Patel at Sudha Open School

एमिटी यूनिवर्सिटी छात्रों ने सुधा ओपन स्कूल में मनाई सरदार पटेल की 150वीं जयंती

रायपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी के बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स (सेकंड ईयर, तृतीय सेमेस्टर) के छात्रों ने सामाजिक संस्था सुधा सोसाइटी फाउंडेशन द्वारा संचालित सुधा ओपन स्कूल, आमसेओनी, रायपुर के प्रांगण में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जन्म जयंती के दो वर्षीय समारोह में भाग लिया। यह आयोजन 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है।

इस कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा एमिटी के छात्रों ने ही तैयार की थी। कार्यक्रम का संचालन सुधा सोसाइटी के चेयरमैन गोपाल कृष्ण भटनागर ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में सरदार पटेल के जीवन, कार्य और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

भटनागर ने बताया कि एमिटी यूनिवर्सिटी रायपुर के छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर दौरे (28 से 30 नवंबर) के उपलक्ष में सरदार पटेल के प्रति एकता और सम्मान व्यक्त करने के लिए यह दिन चुना। छात्रों ने एक ऐसी सामाजिक संस्था की खोज की जो जमीनी स्तर पर काम कर रही हो और इस प्रक्रिया में उन्होंने सुधा सोसाइटी को चुना, जिसे संस्था के लिए गर्व की बात बताया गया।

12 छात्रों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
कार्यक्रम में शामिल एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र समूह में अंजन पांडे, मोहिनी साहू, अक्षत शर्मा, प्रियांश राठौड़, साक्षी कौशिक, सत्यम झा, जान्हवी पटेल, आर्य शर्मा, कार्तिके अग्रवाल, रितिका शाह और दिशा सारदे शामिल थे। स्कूल के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर मेहमानों का अभिनंदन किया।

बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। साथ ही सरदार पटेल के जीवन और योगदान पर आधारित क्विज प्रतियोगिता भी कराई गई।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में सोशल वर्कर मीना शर्मा और केंद्रीय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य विनोद गुप्ता उपस्थित रहे। स्पेशल गेस्ट के रूप में आशी शर्मा भी शामिल रहीं। सभी अतिथियों ने प्रतियोगिता में विजेता बच्चों को पुरस्कार वितरित किए।

कार्यक्रम की उपस्थित सभी ने सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में प्रेरणा जगाने के साथ राष्ट्रीय चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।