बस्तर के 377 गाँवों में जनजातीय गौरव उत्सव जन भागीदारी अभियान का शानदार आगाज

Director of Culture Dr. Sanjay Kannauje got acquainted with the historical heritage of Bastar.

बस्तर के 377 गाँवों में जनजातीय गौरव उत्सव जन भागीदारी अभियान का शानदार आगाज

धरातल पर शिकायतों के निवारण और विकास की गति बढ़ाने पहल शुरू

रायपुर,   मई 2026

धरातल पर शिकायतों के निवारण और विकास की गति बढ़ाने पहल शुरू

धरातल पर शिकायतों के निवारण और विकास की गति बढ़ाने पहल शुरू

बस्तर जिले के दूरस्थ अंचलों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जनजातीय गौरव उत्सव जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो चुकी है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिला स्तर पर जन भागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले थीम के तहत आदि कर्मयोगी अभियान का औपचारिक प्रारंभ कर दिया गया है। 

         परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जगदलपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विशेष अभियान धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चयनित जिले के 377 ग्रामों में पूरी सक्रियता के साथ संचालित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर के सूचना, शिक्षा, संचार कैम्पेन का मुख्य उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में सीधे जमीनी संपर्क स्थापित करना, शासन की सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता (सेवा संतृप्ति) सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाना और आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान करना है। 

          अभियान के दौरान आयोजित होने वाली समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर उसे आदि प्रसारण पोर्टल पर भी अपलोड किया जा रहा है।  

         इस सुनियोजित अभियान का शुभारंभ जिला, विकासखण्ड और चयनित सभी 377 ग्रामों में व्यापक उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रमों के साथ हुआ। कार्यक्रम के आगे बढ़ते ही, गाँवों में विकास को गति देने के लिए विशेष संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हेतु जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा जा रहा है। अभियान के अगले चरण में प्रशासनिक टीमों द्वारा विभिन्न ग्रामों का सघन भ्रमण किया गया, जहाँ अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर गाँवों की वास्तविक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया और ग्रामीणों के बीच विभिन्न कल्याणकारी विषयों पर जागरूकता का प्रसार किया।
 
           ग्रामीणों को सीधे राहत पहुँचाने के उद्देश्य से अब अभियान के तहत विशेष जनसुनवाई कार्यक्रमों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं, जिनमें दैनिक आधार पर गतिविधियाँ संचालित कर लोगों की शिकायतों और उनके अधिकारों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इन जनसुनवाई सत्रों में सामने आने वाली सभी समस्याओं और उनके निराकरण की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देते हुए दस्तावेजीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) किया जाएगा।

         इस बेहद महत्वपूर्ण और जन-उपयोगी पहल के शुरू होने पर एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना जगदलपुर के परियोजना प्रशासक बस्तर जिले के ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि सभी ग्रामीणजन इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों, अपनी समस्याओं को दर्ज कराएं और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित होकर इस महा-अभियान को सफल बनाएं।