सुशासन तिहार : औरदा में साकार हुए सपनों के आशियाने, हितग्राहियों को मिलीं पक्के मकानों की चाबियां

Good Governance Festival: Dream homes come true in Aurada, beneficiaries receive keys to their permanent houses

सुशासन तिहार : औरदा में साकार हुए सपनों के आशियाने, हितग्राहियों को मिलीं पक्के मकानों की चाबियां

पीएम आवास योजना के लाभार्थियों ने भावुक होकर जताया मुख्यमंत्री का आभार कच्चे घरों की परेशानियों से मिली मुक्ति

रायपुर, 09 मई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत आज विकासखंड पुसौर के ग्राम औरदा में खुशियों की नई किरण दिखाई दी। जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र हितग्राहियों को उनके नए पक्के घरों की चाबियां सौंपी गईं और पूरे रीति-रिवाज के साथ गृह प्रवेश कराया गया।

कच्चे मकानों के कष्ट से मिली आजादी

     शिविर में ग्राम पंचायत सुकूलभठली के संतराम, माला प्रधान और रामकुमार चौहान, ग्राम पंचायत जकेला की चंद्रमा गुप्ता तथा औरदा की जयंती साव व अहिल्या पाव को पक्के मकानों की सौगात मिली। वर्षों तक टूटे-फूटे कच्चे मकानों में संघर्ष करने वाले इन परिवारों के चेहरे पर पक्का घर मिलने का संतोष साफ झलक रहा था। हितग्राही रामकुमार चौहान ने भावुक स्वर में बताया कि अब सुरक्षित है मेरा परिवार। बरसात के दिनों में हमारे कच्चे मकान की छत से पानी टपकता था, जिससे पूरा परिवार रात भर जागकर गुजारता था। पक्का मकान मिलना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब हम सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहे हैं। एक अन्य हितग्राही कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल ईंट-पत्थर का मकान नहीं, बल्कि उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का आधार है।

सुशासन तिहार का उद्देश्य

    उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2026 का आयोजन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उस मंशा के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें शासन की योजनाओं का लाभ सीधे और त्वरित रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। औरदा शिविर में न केवल आवास की चाबियां बांटी गईं, बल्कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का मौके पर निराकरण कर ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया। औरदा और आसपास की पंचायतों के हितग्राहियों में से 6 परिवारों का गृह प्रवेश के लिए मिली चाबियां। शिविर के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया गया। पक्के आवास से ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और आत्मविश्वास में वृद्धि।