मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे
Under the Chief Minister's Kanya Vivah Yojana, 65 couples tied the knot in Jashpur district.
एक मूकबधिर जोड़े सहित हिंदू एवं ईसाई समुदाय के नवदंपत्तियों ने साथ निभाने की ली जीवनभर की शपथ
प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद
रायपुर, 09 मई 2026


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन किया गया। जशपुर जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें हिंदू एवं ईसाई दोनों समुदायों के जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि बगीचा परियोजना क्षेत्र में एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े ने भी विवाह बंधन में बंधकर सभी के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।
परियोजना बगीचा में 13 हिंदू एवं 7 ईसाई समुदाय के कुल 20 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। परियोजना कांसाबेल में 9 हिंदू एवं 3 ईसाई समुदाय के कुल 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसी प्रकार परियोजना बागबहार में 6 हिंदू एवं 26 ईसाई समुदाय के कुल 32 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
कार्यक्रमों में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें 8 हजार रुपये विवाह आयोजन व्यय, 7 हजार रुपये की उपयोगी उपहार सामग्री तथा 35 हजार रुपये की राशि वधु के नाम चेक के रूप में प्रदान की जाती है। साथ ही नवदंपत्तियों को वैवाहिक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना से न केवल परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि समाज में सामूहिक विवाह की सकारात्मक परंपरा को भी बढ़ावा मिल रहा है।






