मछली पालन के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर पाकलू मरकाम बने समृद्ध कृषक

Paklu Markam became a prosperous farmer by adopting integrated farming system with fish farming.

मछली पालन के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर पाकलू मरकाम बने समृद्ध कृषक

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली नई दिशा

रायपुर,  मार्च 2026

मछली पालन के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर पाकलू मरकाम बने समृद्ध कृषक

मत्स्य पालन विभाग सहित राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों की आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर कोण्डागांव जिले के ग्राम पल्ली निवासी युवा किसान श्री पाकलू मरकाम ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई मिसाल कायम की है।

मछली पालन के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर पाकलू मरकाम बने समृद्ध कृषक

श्री मरकाम ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अपनी भूमि में तालाब निर्माण कर मछली पालन की शुरुआत की। आज वे न केवल मछली पालन कर रहे हैं, बल्कि समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर सालाना लगभग 6 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उन्हें इस योजना के तहत तालाब निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की लागत पर 6 लाख 60 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। वर्तमान में उनके पास 3 तालाब हैं, जिनमें वे रोहू, कतला, कॉमन कार्प, ग्रास कार्प और पंगास जैसी विभिन्न प्रजातियों की मछलियों का पालन कर रहे हैं। मछली पालन के साथ-साथ उन्होंने मुर्गी पालन, सूकर पालन तथा कृषि को भी अपनाया है। मुर्गी पालन में वे सोनाली एवं देशी नस्ल की मुर्गियों का पालन कर रहे हैं। वहीं मुर्गा लड़ाई के लिए प्रसिद्ध असील प्रजाति के मुर्गे का भी पालन कर रहे है, जिसकी कीमत सामान्य मुर्गे से कई गुना अधिक होती है। इसके अतिरिक्त उनके पास लगभग 20 नग सूकर हैं तथा खाकी कैंपबेल, इंडियन रनर और मोती प्रजाति के बत्तख भी हैं, जो उनकी आय का अतिरिक्त स्रोत हैं। साथ ही वे मक्के सहित अन्य फसलों की खेती भी कर रहे हैं।

समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों को जोड़कर श्री मरकाम ने अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं।