समाधान शिविर कुटरु में उमड़ा जनसैलाब- तपती धूप में भी दिखा शासकीय योजनाओं के प्रति ग्रामीणों का भारी उत्साह
Huge crowd gathered at the Kutru Samadhan Camp – despite the scorching heat, villagers showed immense enthusiasm for government schemes.
’सुशासन तिहार भीषण गर्मी के बावजूद हजारों ग्रामीणों ने उठाया कल्याणकारी योजनाओं का लाभ’
रायपुर, 25 मई 2026

छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के अंतर्गत बीजापुर जिले के कुटरु में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की परवाह न करते हुए हजारों की संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने शिविर पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने संबोधित करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और तेंदूपत्ता संग्रहण जैसी जन-हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस वृहद् शिविर में ग्राम पंचायत गुदमा, कोमपल्ली, केतुलनार, सकनापल्ली, अड़ावली, अम्बेली, कुटरु, मंगापेठा, दरभा, उसकापटनम, करकेली, हुर्रागुबाली, फरसेगढ़, रानीबोदली, सागमेटा, पेंकरम, सोमनपल्ली और मण्डेम सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण बड़ी तादाद में सम्मिलित हुए।
’बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान’
मुख्य अतिथि का संदेश बस्तर मुन्ने (बस्तर के बच्चे/आगे) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना हमारा संकल्प है। इसके लिए ग्रामीण अपने आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रखें और शिविरों में तैनात शासकीय अमले का पूरा सहयोग करें। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में शासन की अधिकांश योजनाओं का लाभ डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसके लिए बैंक खाता और आधार कार्ड का लिंक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान कार्ड की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके जरिए पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
’भावनात्मक और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम’
शिविर में उस समय एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोद भराई और छह माह पूर्ण कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। इस पहल ने प्रशासनिक शिविर को एक पारिवारिक और आत्मीय उत्सव में बदल दिया।
’24 से अधिक विभागों ने दी अपनी सेवाएं’
ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में 24 से अधिक शासकीय विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे, जहाँ पात्र हितग्राहियों को ऑन-द-स्पॉट लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नव-निर्मित पक्के मकानों की चाबियाँ हितग्राहियों को सौंपी गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। कृषि, मत्स्य, राजस्व सहित अन्य प्रमुख विभागों द्वारा कृषि इनपुट और संबंधित सामग्रियों का वितरण किया गया। जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की उपलब्धियों और योजनाओं पर आधारित विभिन्न मार्गदर्शिका, शासकीय प्रकाशनों और सूचना सामग्रियों का निःशुल्क वितरण किया गया।
’जन-समस्याओं के त्वरित निराकरण का भरोसा’
सुशासन तिहार के इस मंच पर ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किए। शिविर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी आवेदनों को संवेदनशीलता से दर्ज करते हुए उनके शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण का ठोस आश्वासन दिया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती दशरी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति आरकी, जनपद उपाध्यक्ष श्री जितेंद्र लेकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम भैरमगढ़, जनपद पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।






