राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग के बलिदानियों को किया नमन
President and Prime Minister pay tribute to the martyrs of Jallianwala Bagh
नई दिल्ली। जलियांवाला बाग नरसंहार की बरसी पर पूरा देश प्राणों की आहुति देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने बलिदानियों को नमन करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया।
राष्ट्र सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा : मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग में प्राण न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान देशवासियों में आजादी के प्रति नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार करने वाला रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
भारत की अदम्य भावना का प्रतीक है : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारत की अदम्य भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों का साहस, त्याग और संकल्प आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। एक अन्य संदेश में पीएम मोदी ने जलियांवाला बाग नरसंहार को विदेशी शासन की बर्बरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि शहीदों की वीरता की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें समाज में सकारात्मक, राष्ट्रनिर्माण करने वाली शक्तियों को बढ़ावा देने और विभाजनकारी तथा अन्यायपूर्ण तत्वों का दृढ़ता से विरोध करने का संदेश दिया गया।
इस जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में निहत्थे लोगों पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी ने अंग्रेजी हुकूमत का अमानवीय चेहरा उजागर कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और भगत सिंह व ऊधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के मन में स्वतंत्रता की ज्वाला को और प्रज्वलित किया।
उन्होंने इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि यहीं से आजादी की लड़ाई को नई दिशा और गति मिली, जिसने अंततः भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके बलिदान ने देश की सामूहिक चेतना को जगाया : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 1919 में इस दिन निर्दोष भारतीयों का बलिदान देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण बना। सिंह ने अपने संदेश में कहा कि उनके बलिदान ने देश की सामूहिक चेतना को जगाया और आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उनका साहस आज भी पीढ़ियों को न्याय, गरिमा और आत्मसम्मान के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जलियांवाला बाग की घटना को भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय बताया, जिसने पूरे राष्ट्र को एकजुट कर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की भावना को और मजबूत किया।






