बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं तारामणि राजवाड़े, कृषि गतिविधियों से हासिल की आर्थिक समृद्धि
Taramani Rajwade became self-reliant through the Bihan Yojana, achieved economic prosperity through agricultural activities.
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं ‘लखपति दीदी’, बढ़ा आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान
रायपुर, जून 2026
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रही हैं। प्रदेशभर में हजारों महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं तथा समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं।
सरगुजा जिले के ग्राम चठिरमा की श्रीमती तारामणि राजवाड़े इस परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। एकता स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि एवं खेती-किसानी के कार्यों को नए स्तर पर विकसित किया और आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
’समूह से मिला आर्थिक संबल’
तारामणि राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्व-सहायता समूह के माध्यम से ऋण सुविधा एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस सहयोग का उपयोग उन्होंने कृषि कार्यों में निवेश करने के लिए किया, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हुई। लगातार मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया।
’खेती बनी समृद्धि का आधार’
कृषि गतिविधियों के विस्तार से तारामणि की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। उनकी सफलता ने आसपास की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।
’बढ़ा आत्मविश्वास, मिली नई पहचान’
तारामणि का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब वे आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम हैं और परिवार के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और जीवन में आगे बढ़ने की नई दिशा दिखाई।
अपनी सफलता के लिए तारामणि राजवाड़े ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर प्रदान किया है।
प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। यह योजना महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।






