RTE की आड़ में बड़ा खेल: फर्जी स्कूल चलाकर लाखों हड़पने वाले दंपती गिरफ्तार
Big scam under the guise of RTE: Couple arrested for running fake school and siphoning off lakhs of rupees
रायगढ़। रायगढ़ जिले की खरसिया पुलिस ने शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना की आड़ में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ग्राम अड़भार (जिला सक्ती) के रहने वाले घनश्याम टंडन और उसकी पत्नी शांति टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। दंपती पर अशासकीय फर्जी स्कूल चलाकर 22 लाख 52 हजार 281 रुपये की सरकारी प्रतिपूर्ति राशि गबन करने का आरोप है।
RTE प्रतिपूर्ति के लिए खड़ा किया फर्जी स्कूल
खिलावन बंजारे, सहायक ग्रेड–02, बीईओ कार्यालय खरसिया ने पुलिस में लिखित शिकायत देकर बताया कि दंपती ग्राम देवगांव में "मदर इंडिया कॉन्वेंट स्कूल बड़े देवगांव" नाम से एक ऐसा विद्यालय दिखा रहे थे जो वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं है। आरोपियों ने खुद को स्कूल का संचालक और प्रधान पाठक बताकर RTE के तहत फर्जी दाखिले दिखाए।
जांच में पता चला कि जिन बच्चों के नाम प्रवेश पंजी और उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज थे, वे वास्तव में शासकीय विद्यालय में पढ़ रहे थे। लेकिन आरोपियों ने दस्तावेजों में उन्हें अपने कथित विद्यालय में पढ़ता हुआ दिखाया और चार साल में RTE के तहत शुल्क और गणवेश प्रतिपूर्ति की भारी राशि अपने खाते में जमा करा ली।
22.52 लाख की राशि गबन
जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ ने दंपती को राशि शासन के पक्ष में जमा करने का नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने रकम वापस नहीं की। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर खरसिया थाना में शिकायत दर्ज कराई गई।
खरसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई
थाना खरसिया की टीम ने तुरंत अपराध क्रमांक 607/2025 दर्ज किया। मामला BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस नेतृत्व की भूमिका
एसपी दिव्यांग पटेल, एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई उमाशंकर धृतांत और पूरी पुलिस टीम ने मामले में तेजी से कार्रवाई कर पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया। खरसिया पुलिस का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की ठगी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।






