जिले में आज से प्रारंभ होगा सघन कुष्ठ खोज अभियान (एलसीडीसी)
Intensive Leprosy Detection Campaign (LCDC) will start in the district from today.
13 लाख 85 हजार जनसंख्या तक घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
महासमुंद, दिनांक 15 जून 2026
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान (एलसीडीसी) संचालित किया जाएगा। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अभियान के लिए जिले में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा आज से घर-घर सर्वे कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे दलों का गठन, प्रशिक्षण, माइक्रोप्लान, प्रचार-प्रसार एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई. नागेश्वर राव ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले की लगभग 13 लाख 85 हजार जनसंख्या तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीमें घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के संभावित लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी तथा आवश्यकता अनुसार जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा तथा इसका लक्षित समूह संपूर्ण जनसंख्या होगी।
अभियान के लिए प्रत्येक सर्वे दल में 02 सदस्य नियुक्त किए गए हैं। सर्वे दल का गठन हेल्थ सेंटर स्तर पर सीएचओ अथवा संबंधित प्रभारी द्वारा किया गया है तथा इसकी प्रविष्टि विभागीय कुष्ठ खोज एप में की जाएगी। दल में प्रथम सदस्य के रूप में आरएचओ-पुरुष (उपलब्ध नहीं होने पर आरएचओ-महिला/मितानिन प्रशिक्षक/सीएचओ) तथा द्वितीय सदस्य के रूप में संबंधित क्षेत्र की मितानिन को शामिल किया गया है। जहां मितानिन उपलब्ध नहीं है वहां अन्य ग्राम अथवा मोहल्ले की मितानिन द्वारा कार्य किया जाएगा।
जिला नोडल अधिकारी, कुष्ठ कार्यक्रम डॉ. वी. पी. सिंह, ने बताया कि अभियान का उद्देश्य समुदाय स्तर पर कुष्ठ रोग की प्रारंभिक पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे रोग के संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें जांच एवं उपचार प्रदान किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि जिले में अभियान की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि सर्वे दल के घर पहुंचने पर सहयोग करें तथा त्वचा पर सुन्न धब्बे, संवेदना में कमी अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर जांच अवश्य कराएं।






