बुजुर्ग हुए डिजिटल अरेस्ट के शिकार, जाने कितने की हुई धोखाधड़ी

Elderly people became victims of digital arrest, know how much fraud happened

बुजुर्ग हुए डिजिटल अरेस्ट के शिकार, जाने कितने की हुई धोखाधड़ी

वडोदरा: वडोदरा पुलिस ने साइबर क्राइम के बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों ने एक बुजुर्ग को डिजिटल तरीके से फंसाकर उनके बैंक खाते से 90 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. साइबर ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल तरीके से अरेस्ट कर लिया था. बुजुर्ग से कहा था कि तुम्हारे नाम से एक पार्सल विदेश जा रहा था, उसमें ड्रग्स मिला है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना करेलीबाग इलाके में रहने वाले रिटायर्ड बैंक कर्मचारी भूपेंद्र शाह के साथ हुई. आरोपियों ने उन्हें कॉल कर यह दावा किया कि उनके नाम से विदेश में एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें ड्रग्स पाए गए हैं. इस बात को सुनकर भूपेंद्र डर गए और साइबर ठगों ने इसी डर का फायदा उठाया. ठगों ने डरावनी कहानी में फंसाकर बुजुर्ग से लाखों रुपये ठग लिए. जब बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की और तकनीकी टीम की मदद से अहमदाबाद के कुबेरनगर के रहने वाले प्रशांत सारंग और नरोडा के हिमांशु वाघेला को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब इस मामले की जांच पड़ताल की तो सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. इस मामले में एसीपी मयूरसिंह राजपूत ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया गया है. उनके खातों की विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी मामलों के उजागर होने की संभावना जताई है. साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात कॉल्स से सतर्क रहें और अपने बैंकिंग डिटेल्स किसी से साझा न करें.