100 टन क्षमता वाले नए रोड वेब्रिज का कार्यपालक निदेशक प्रभारी ने किया उद्घाटन
Executive Director in charge inaugurated the new road bridge with 100 tonne capacity
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के इंस्ट्रूमेंटेशन एवं वेमेंट विभाग ने हाल ही में 100 टन क्षमता वाले पिट-लेस रोड वेब्रिज की स्थापना का कार्य पूरा किया है। नवनिर्मित वेब्रिज का उद्घाटन 28 जनवरी को कार्यपालक निदेशक प्रभारी वक्र्स अंजनी कुमार द्वारा मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी सेवाएं तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक एमआरडी सुशील कुमार, मुख्य महाप्रबंधक विद्युत टी के कृष्णकुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट) श्री अनूप दत्ता, मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत सुविधाएं) राजीव पांडे, मुख्य महाप्रबंधक ए एंड डी रवि शंकर, महाप्रबंधक प्रभारी टी एंड डी गोपीनाथ मलिक तथा संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
उल्लेखनीय है कि 100 टन क्षमता वाले पिट-लेस रोड वेब्रिज की स्थापना 50 टन क्षमता वाले पिट टाइप वेब्रिज के स्थान पर की गयी है, जिसकी कार्यक्षमता क्षीण हो चुकी थी। पिछले कुछ वर्षों से पुराने वेब्रिज की संरचना कमजोर होने और वजन करने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के पुराने हो जाने के कारण बार-बार डाउनटाइम का सामना करना पड़ रहा था। प्रबंधन ने 2022 में एक नए वेब्रिज की स्थापना के परियोजना को मंजूरी दी थी, जुलाई 2023 में इसका काम शुरू हुआ और अक्टूबर 2024 में पूरा हुआ।
नए वेब्रिज की आपूर्ति मेसर्स एक्मे ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी, जबकि सिविल कार्य मेसर्स आर्यन बिल्डर्स के माध्यम से सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निष्पादित किया गया। उल्लेखनीय है कि पुराना वेब्रिज केवल भरे हुए ट्रकों का वजन करने में ही सक्षम था, जबकि नया वेब्रिज अधिक क्षमता और प्लेटफॉर्म आकार का होने के कारण लोड किए गए ट्रेलरों के वजन मापने में भी सक्षम है।
साथ ही वजन करने के लिए सेंसर आधारित वाहन पोजिशनिंग, कैमरा आधारित स्वचालित नंबर प्लेट रीडिंग आदि जैसी कई नई विशेषताएं इस नए वेब्रिज में उपलब्ध है जिसके प्रयोग से न केवल त्वरित और सटीक वजन करना संभव होगा बल्कि संयंत्र के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही को भी सुगमता प्राप्त होगी। वेब्रिज की स्थापना का कार्य विभागाध्यक्ष व महाप्रबंधक इंस्टूऊमेंटेशन एवं वेमेंट बी मधु पिल्लई के मार्गदर्शन में आई एंड डब्लू विभाग के अधिकारियों रजनीश जैन, टी डी जॉनसन, जी एल मारकंडे तथा जयंत अग्रवाल द्वारा किया गया। पूर्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी एम एंड यू असित साहा और मुख्य महाप्रबंधक ए एंड डी रविशंकर ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए नियमित अनुवर्ती कार्रवाई और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किया।






