’जलदूत ऐप से गांव-गांव में भू-जल निगरानी का नवाचार’
'Innovation of groundwater monitoring in villages through Jaldoot App'
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को तकनीक से जोड़ने की पहल, ग्राम स्तर पर तैयार हो रहा वास्तविक भू-जल डाटा’
रायपुर, 23 मई 2026
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण एवं भू-जल प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल के तहत अब गांव-गांव में डिजिटल माध्यम से भू-जल स्तर की निगरानी की जा रही है। भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार बलरामपुर जिले में जलदूत ऐप के माध्यम से भू-जल स्तर मापन एवं डाटा अपलोड करने हेतु व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कलेक्टर के नेतृत्व एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में सभी जनपद पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायकों एवं पंचायत सचिवों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्राम पंचायतों के खुले कुओं का प्री-मानसून 2026 का वास्तविक भू-जल डाटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि जलदूत ऐप के जरिए हर वर्ष मानसून से पहले और बाद की स्थिति का डाटा संकलित किया जाता है, जिससे भू-जल स्तर में होने वाले बदलावों का वैज्ञानिक आकलन संभव हो सके। अधिकारियों ने मापन की एकरूपता बनाए रखने के लिए एक ही बिंदु से जल स्तर की गहराई मापने, मेजरिंग टेप के उपयोग तथा वास्तविक आंकड़ों के संकलन पर विशेष जोर दिया।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को फोटो अपलोड करने, मोबाइल नंबर एवं तकनीकी जानकारी सही तरीके से दर्ज करने की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ग्राम स्तर से प्राप्त सटीक डाटा भविष्य की जल संरक्षण योजनाओं, जल स्रोतों के पुनर्भरण तथा ग्रामीण जल प्रबंधन रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। राज्य में तकनीक आधारित इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में भू-जल संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।






