सुकमा जिले के दुर्गम गांवों में स्वास्थ्य की नई रोशनी
New light of health in remote villages of Sukma district
हेल्थ कैम्प से ग्रामीणों को राहत
रायपुर। सुकमा जिले के सभी विकासखण्डों में विशेषकर पहुँचविहीन जनजातीय गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए विशेष हेल्थ कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इन कैम्पों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आखिरी व्यक्ति तक स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। ये हेल्थ कैम्प कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में लगाए जा रहे हैं।
बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन नदी-नालों को पार करते हुए और पगडंडियों के सहारे दूरस्थ वनांचल ग्राम सिरकेट्टी पहुंची। वहां वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में निक्षय निरामया छत्तीसगढ़ के तहत 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान के अंतर्गत एनटीईपी, एनवीबीडीसीपी, पिरामल फाउंडेशन और लेप्रा सोसाइटी के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान लगभग 1057 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें क्षय, मलेरिया, कुष्ठ, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। 45 क्षय रोग संदिग्ध व्यक्तियों का बलगम सैंपल लेकर जाँच के लिए जिला क्षय उन्मूलन केंद्र भेजा गया। इसके अतिरिक्त, 157 ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के बाद निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।
अपने गांव में ही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पाकर ग्रामीणजन खुश हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने और अपने परिवार के सदस्यों की जांच कराने शिविर में पहुंचे। शिविर में उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाव, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग के मुकेश रॉय, मालती नेताम, श्यामलाल ध्रुव पिरामल फाउंडेशन से जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश सोलंकी और लेप्रा सोसाइटी से जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित कुण्डू का सहयोग सराहनीय रहा।






