छत्तीसगढ़ संवाददाता
दुर्ग, 4 दिसंबर। भारती विश्वविद्यालय में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विविध आयोजन किए गए। आयोजन में विशेष व्याख्यान डॉ. सुचित्रा शर्मा विजिटिंग प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने एड्स महामारी को वैश्विक समस्या बताते हुए इसके बचाव हेतु की जा सकने वाली सावधानियों से विद्यार्थियों का अवगत कराया तथा विद्यार्थियों को संक्रमित सुई, ब्लेड, रक्त के प्रयोग, असुरक्षित यौन संबंध जैसे एचआईवी वायरस के वाहक कारकों से बचने की शिक्षा दी। साथ ही इस महामारी से संघर्षरत व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग की भावना के साथ उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या दुव्र्यवहार न करने की अपील की।
उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष स्पष्ट किया कि हमें महामारी को रोकना है, उसे मिटाना है, उसके शिकार व्यक्ति का मनोबल बढ़ाते हुए यथा संभव उसके संघर्ष में उसकी सहायता करनी है। उन्होंने बताया कि एचआईवी का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने, बैठकर साथ भोजन करने, साथ रहने से नहीं फैलता। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी एवं गोदग्राम समन्वयक डॉ. स्नेह कुमार मेश्राम ने सभा को एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने तथा समाज में इसके संक्रमण से बचाव हेतु यथासंभव प्रयास करने की शपथ दिलाई। चूंकि यह एक ला-इलाज महामारी है, इससे लडऩे का सर्वाधिक कारगर उपाय सतर्कता, सावधानी एवं इसके संबंध में जागरूकता का फैलाव ही है।विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। जिसका विषय एचआईवी संक्रमण; कारण, रोकथाम एवं चुनौतियां रहा। उपरोक्त निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रिशिका सिंह चौहान, बी.एड. प्रथम सेमेस्टर व द्वितीय स्थान हर्ष कुमार साहू, एमएससी फोरेंसिक साइंस प्रथम सेमेस्टर ने अर्जित किया। आयोजन में प्राध्यापकगण डॉ. मंजू साहू, हेमलता चंद्राकर, दुर्गा श्रीवास्तव, नीलम त्रेहान, अखिलेश सेन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ तथा शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ।
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दुर्ग, 4 दिसंबर। भारती विश्वविद्यालय में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विविध आयोजन किए गए। आयोजन में विशेष व्याख्यान डॉ. सुचित्रा शर्मा विजिटिंग प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने एड्स महामारी को वैश्विक समस्या बताते हुए इसके बचाव हेतु की जा सकने वाली सावधानियों से विद्यार्थियों का अवगत कराया तथा विद्यार्थियों को संक्रमित सुई, ब्लेड, रक्त के प्रयोग, असुरक्षित यौन संबंध जैसे एचआईवी वायरस के वाहक कारकों से बचने की शिक्षा दी। साथ ही इस महामारी से संघर्षरत व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग की भावना के साथ उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या दुव्र्यवहार न करने की अपील की।
उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष स्पष्ट किया कि हमें महामारी को रोकना है, उसे मिटाना है, उसके शिकार व्यक्ति का मनोबल बढ़ाते हुए यथा संभव उसके संघर्ष में उसकी सहायता करनी है। उन्होंने बताया कि एचआईवी का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने, बैठकर साथ भोजन करने, साथ रहने से नहीं फैलता। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी एवं गोदग्राम समन्वयक डॉ. स्नेह कुमार मेश्राम ने सभा को एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने तथा समाज में इसके संक्रमण से बचाव हेतु यथासंभव प्रयास करने की शपथ दिलाई। चूंकि यह एक ला-इलाज महामारी है, इससे लडऩे का सर्वाधिक कारगर उपाय सतर्कता, सावधानी एवं इसके संबंध में जागरूकता का फैलाव ही है।विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। जिसका विषय एचआईवी संक्रमण; कारण, रोकथाम एवं चुनौतियां रहा। उपरोक्त निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रिशिका सिंह चौहान, बी.एड. प्रथम सेमेस्टर व द्वितीय स्थान हर्ष कुमार साहू, एमएससी फोरेंसिक साइंस प्रथम सेमेस्टर ने अर्जित किया। आयोजन में प्राध्यापकगण डॉ. मंजू साहू, हेमलता चंद्राकर, दुर्गा श्रीवास्तव, नीलम त्रेहान, अखिलेश सेन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ तथा शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ।