गरियाबंद जिले को मिली 10 नए एम्बुलेंस वाहन  

Gariaband district gets 10 new ambulance vehicles

गरियाबंद जिले को मिली 10 नए एम्बुलेंस वाहन  

स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रषासन की प्राथमिकता - कलेक्टर श्री उइके

गरियाबंद, 01 अप्रैल 2026 जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आसान बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, नगरपालिका के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, वरिष्ठ नागरिक श्री अनिल चंद्राकर, नगरपालिका के उपाध्यक्ष श्री आसिफ मेमन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएस नवरत्न सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में गरियाबंद जिले को प्राप्त 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंसों का विधिवत पूजा-अर्चना कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 10 नवीन संजीवनी एक्सप्रेस वाहनों में से 1 वाहन एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस है, शेष 9 वाहन बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से युक्त हैं। इन वाहनों की तैनाती के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 10 वाहनों में से 2 गाड़ियाँ जिला अस्पताल गरियाबंद में आधार स्टेशन के रूप में कार्य करेंगी। इसके अलावा 1-1 वाहन पीएचसी पाण्डुका, सीएचसी राजिम, सीएचसी फिंगेश्वर, सीएचसी छुरा, सीएचसी मैनपुर, सीएचसी अमलीपदर, सीएचसी देवभोग एवं पीएचसी सूपेबेड़ा बेस स्टेशन के रूप में सौंपा गया है। इससे जिले के प्रत्येक ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इन वाहनों की उपलब्धता से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार या रेफरल सेवा मिलना आसान होगा। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का संचालन जय अंबे कंपनी द्वारा किया जा रहा था। लेकिन इस वित्तीय वर्ष से सेवा संचालन की जिम्मेदारी जीवीके-एमरी को सौंपी गई है। सेवा प्रदाता में हुए इस परिवर्तन के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि जिले में 108 सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय में और अधिक सुधार होगा।
कलेक्टर श्री उइके ने इस दौरान कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और सेवाओं को मजबूत करने से सीधे आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई एंबुलेंसों के संचालन से गंभीर मरीजों के लिए बेहतर रेफरल सुविधा उपलब्ध होगी तथा उपचार की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।