पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने मयाली नेचर कैंप का किया निरीक्षण
Tourism Minister Shri Rajesh Agarwal inspected Mayali Nature Camp
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रबंधन के दिए निर्देश, बोटिंग का भी लिया आनंद
प्रकृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम बना जशपुर, सघन वन और जलाशय के बीच बसा मयाली, पर्यटन का उभरता आकर्षण
रायपुर, अप्रैल 2026

जशपुर जिले के सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में स्थित मयाली नेचर कैंप इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। नील गगन की छाया, अरुणिम प्रभात की शीतल मंद बयार और सघन वनों के बीच बसी मयाली की धरा प्रकृति के अनुपम संगीत से गुंजायमान है। यहां एक ओर विस्तृत जलाशय दर्पण की तरह चमकता है, तो दूसरी ओर विराट प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में सुशोभित मधेश्वर पर्वत आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है।

इसी मनोहारी स्थल का निरीक्षण करने आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने मयाली नेचर कैंप की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधाओं, सुरक्षा और अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कैंप में उपलब्ध आवासीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, भोजन प्रबंध और साहसिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मयाली जैसे प्राकृतिक स्थलों को राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकें।

मंत्री श्री अग्रवाल ने जलाशय में बोटिंग का आनंद भी लिया और इस दौरान प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां की शांति, हरियाली और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है, जो उन्हें प्रकृति के और करीब ले जाता है।
मयाली नेचर कैंप में पर्यटकों के लिए टेंट हाउस, कुटीर, बोटिंग, ट्रेकिंग और स्थानीय व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध है। यहां आने वाले पर्यटक मधेश्वर पर्वत के दर्शन के साथ-साथ आसपास के घने जंगलों और जैव विविधता का भी आनंद ले सकते हैं। यह स्थान न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए भी एक आदर्श स्थल है।
पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मयाली नेचर कैंप में मूलभूत सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए तथा इस स्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हों।
मयाली की यह पावन और प्राकृतिक धरा हर उस व्यक्ति को आमंत्रित करती है, जो शांति, सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा की तलाश में है। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से यह स्थल आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होता नजर आ रहा है।






